चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने वायरल हेपेटाइटिस-बी और सी से पीड़ित मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीएचसीपी) के तहत राज्य में 10 नए वायरल हेपेटाइटिस उपचार केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़कर 36 हो जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि नए उपचार केंद्र फरीदाबाद के ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फतेहाबाद के रतिया और टोहाना, जींद के नरवाना, कैथल के गुहला, करनाल के असंध और नीलोखेड़ी, सिरसा के डबवाली और ऐलनाबाद तथा पानीपत के समालखा उपमंडल नागरिक अस्पताल में स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इन नए केंद्रों के शुरू होने से मरीजों को अपने घर के नजदीक ही जांच, रोग की पुष्टि, निःशुल्क दवाइयां, विशेषज्ञ परामर्श और नियमित फॉलोअप उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे विशेष रूप से उन क्षेत्रों के मरीजों को राहत मिलेगी, जहां हेपेटाइटिस के मामलों की संख्या अधिक है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश में पीजीआईएमएस रोहतक में एक मॉडल वायरल हेपेटाइटिस उपचार केंद्र, जिला नागरिक अस्पतालों में 22 केंद्र तथा सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में चार उपचार केंद्र संचालित हैं। भारत सरकार ने अब कुल 36 उपचार केंद्रों को मंजूरी प्रदान कर दी है।
उन्होंने गर्भवती महिलाओं के लिए हेपेटाइटिस-बी की जांच को बेहद जरूरी बताते हुए कहा कि समय पर जांच कराने से संक्रमण को मां से नवजात शिशु तक पहुंचने से रोका जा सकता है। यदि कोई गर्भवती महिला संक्रमित पाई जाती है तो जन्म के 24 घंटे के भीतर नवजात को हेपेटाइटिस-बी इम्यूनोग्लोब्युलिन (एचबीआईजी) और हेपेटाइटिस-बी का टीका लगाया जाना आवश्यक है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह सुविधा हरियाणा के सभी जिला नागरिक अस्पतालों में निःशुल्क उपलब्ध है। सरकार का उद्देश्य समय पर जांच और उपचार के माध्यम से वायरल हेपेटाइटिस के मामलों में कमी लाना तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।







