रोहतक। इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला और जिला प्रशासन के अधिकारियों के बीच हाल ही में हुए विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में हरियाणा आईपीएस एसोसिएशन ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों के समर्थन में अपना पक्ष रखा है। एसोसिएशन ने घटना को लेकर चिंता जताई और अधिकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त की है।
सोशल मीडिया पर जारी अपने आधिकारिक बयान में हरियाणा आईपीएस एसोसिएशन ने कहा कि रोहतक में हुई घटना के दौरान एक जनप्रतिनिधि द्वारा जिला प्रशासन पर दबाव बनाने और अधिकारियों को भयभीत करने का प्रयास किया गया। एसोसिएशन का मानना है कि इस प्रकार का आचरण लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रशासनिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है तथा इसकी आलोचना की जानी चाहिए।
बयान में कहा गया कि प्रशासनिक अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से करने का अधिकार है। किसी भी प्रकार का दबाव या टकराव प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकता है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वह रोहतक जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ मजबूती से खड़ा है और उनके कार्यों पर पूरा विश्वास व्यक्त करता है।
गौरतलब है कि महंगाई और बढ़ती पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस की कीमतों के विरोध में इनेलो द्वारा आयोजित धरना-प्रदर्शन के दौरान ज्ञापन सौंपने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस दौरान इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई थी। मौके पर हुई नोकझोंक का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया।
आईपीएस एसोसिएशन के बयान के बाद इस पूरे घटनाक्रम पर बहस और तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और सामाजिक संगठनों की ओर से भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। फिलहाल यह मामला प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच संबंधों को लेकर चर्चा के केंद्र में बना हुआ है।







