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हरियाणा में जंगलों में अवैध गतिविधियों पर सख्ती, जुर्माना 10 गुना तक बढ़ाया

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पंचकूला।  हरियाणा सरकार ने जंगलों में बढ़ रही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है। वन विभाग ने अवैध कटान, खनन, पशु चराई और वन उत्पादों की चोरी जैसे मामलों में लगने वाले जुर्माने की दरों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। कई मामलों में जुर्माना वर्ष 2017 की तुलना में 5 से 10 गुना तक बढ़ाया गया है। इस संबंध में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) कार्यालय पंचकूला की ओर से सभी डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसरों (डीएफओ) को नए आदेश जारी किए गए हैं। संशोधित दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।

वन विभाग के अनुसार भारतीय वन अधिनियम की धारा-68 और हरियाणा फॉरेस्ट मैनुअल के नियमों के तहत यह संशोधन किया गया है। विभाग का कहना है कि जंगलों में लगातार बढ़ रहे अवैध कटान और खनन को रोकने के लिए जुर्माने में सख्ती जरूरी थी। इसी के तहत जंगलों में पेड़ों की अवैध कटाई, अवैध खनन, पशु चराने और वन उत्पादों की चोरी से जुड़े मामलों में दंड राशि बढ़ा दी गई है।

नई दरों के अनुसार अवैध चराई करने वालों पर अब पहले से कई गुना अधिक जुर्माना लगाया जाएगा। भैंस या ऊंट चराने पर पहले अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना लिया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 3000 रुपये तक कर दिया गया है। वहीं जंगल से घास या लकड़ी की अवैध कटाई और परिवहन पर एक ट्रक लोड का जुर्माना 2 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये तक कर दिया गया है।

वन भूमि में अवैध खनन करने वालों पर भी अब कड़ी कार्रवाई होगी। खनन में इस्तेमाल होने वाले ट्रक पर पहले 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाता था, जिसे बढ़ाकर अब 30 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं जेसीबी मशीन जब्त होने पर जुर्माना राशि 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये कर दी गई है। नगर सीमा और हाईवे किनारे वन भूमि को नुकसान पहुंचाने पर अब 2000 रुपये प्रति वर्गमीटर तक जुर्माना वसूला जाएगा, जबकि पहले यह राशि 500 रुपये प्रति वर्गमीटर थी।

वन विभाग ने रात के समय होने वाली अवैध गतिविधियों पर भी विशेष सख्ती दिखाई है। आदेश के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति रात में जंगल क्षेत्र में अवैध गतिविधि करते हुए पकड़ा जाता है तो उस पर निर्धारित जुर्माने का दोगुना दंड लगाया जाएगा। इसके अलावा बांस की अवैध कटाई पर प्रति पीस 200 रुपये, कोयला बनाने की भट्ठी चलाने पर 50 हजार रुपये और पेड़ों से अवैध रूप से गोंद निकालने पर प्रति पेड़ 500 रुपये जुर्माना तय किया गया है।

कुल्हाड़ी, आरी और अन्य औजार जब्त होने पर 200 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं वाहन जब्ती के मामलों में मोटरसाइकिल पर 30 हजार रुपये, ट्रैक्टर पर 60 हजार रुपये और डंपर पर 1.25 लाख रुपये तक का जुर्माना तय किया गया है। वन विभाग का मानना है कि सख्त दंड व्यवस्था से जंगलों में होने वाली अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।

 

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