Home Haryana हरियाणा की कैशलेस इलाज योजना बनी देश के लिए मॉडल, सड़क हादसों...

हरियाणा की कैशलेस इलाज योजना बनी देश के लिए मॉडल, सड़क हादसों में अब तक 3167 लोगों को मिला मुफ्त इलाज

265
0

चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार द्वारा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को नि:शुल्क और त्वरित चिकित्सा सेवा प्रदान करने की दिशा में उठाया गया कदम अब पूरे देश के लिए एक मिसाल बन गया है। 1 अक्टूबर 2024 को शुरू की गई कैशलेस इलाज योजना ने देशभर में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर हरियाणा को पहला स्थान दिलाया है। इस सफलता का श्रेय प्रदेश की पुलिस, तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता से जुड़ी टीमवर्क को जाता है।

3167 केसों में मिला त्वरित जीवनरक्षक इलाज

योजना के तहत अब तक हरियाणा पुलिस ने 3167 सड़क दुर्घटना मामलों में पीड़ितों को मुफ्त कैशलेस इलाज मुहैया कराया है। यह आंकड़ा पूरे देश में सबसे अधिक है। e-DAR और TMS जैसे आधुनिक प्लेटफॉर्म्स की मदद से केस का रिकॉर्ड टाइम में निपटारा कर सरकारी फंड से इलाज सुनिश्चित किया गया।

6 घंटे में अप्रूवल, 24×7 निगरानी प्रणाली

हर जिले में DSP/ACP स्तर के अधिकारी नोडल ऑफिसर के रूप में तैनात हैं जो 24 घंटे सक्रिय रहते हैं। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद औसतन 6 घंटे के भीतर केस की डिजिटल प्रक्रिया पूरी कर ली जाती है। इसके लिए राज्यस्तरीय WhatsApp मॉनिटरिंग नेटवर्क बनाया गया है, जो रीयल टाइम ट्रैकिंग में कारगर साबित हो रहा है।

CCTNS और e-DAR का डिजिटल एकीकरण

हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network System) को e-DAR से जोड़कर डेटा ट्रांसफर और केस प्रोसेसिंग को स्वचालित कर दिया है। इससे न केवल प्रक्रिया तेज हुई, बल्कि फर्जीवाड़े पर भी रोक लगी है।

112 और 108 सेवाओं का एकीकृत रिस्पॉन्स सिस्टम

राज्य में 112 पुलिस हेल्पलाइन और 108 एंबुलेंस सेवा को आपस में जोड़कर ऐसा तंत्र बनाया गया है जो दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एंबुलेंस और संबंधित थाना एक साथ सक्रिय हो जाते हैं। इसका उद्देश्य है– मिनटों में अस्पताल पहुंचाना। इस मॉडल को केंद्र सरकार के MoRTH मंत्रालय ने “अनुकरणीय” बताया है।

डीजीपी की टीम को बधाई

हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने इस उपलब्धि पर ट्रैफिक एवं हाईवे विंग की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह योजना जनसेवा, सुशासन और उत्तरदायित्व का आदर्श उदाहरण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसी तरह की संवेदनशील और नागरिक केंद्रित कार्यशैली आगे भी जारी रहेगी।

1228 अस्पताल जुड़े, जन-जागरूकता में बढ़ती भागीदारी

राज्य में अब तक 1228 अस्पताल योजना से जुड़ चुके हैं। जनभागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने सोशल मीडिया, कार्यशालाओं और मीडिया के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया। इससे दुर्घटना पीड़ितों को इलाज में न देरी हो रही है न कोई वित्तीय बाधा।

दूसरे राज्य भी ले रहे प्रेरणा

हरियाणा की यह उपलब्धि अब एक राष्ट्रीय उदाहरण बन गई है। तकनीक, तत्परता और संवेदनशीलता का यह मॉडल अब देश के अन्य राज्यों द्वारा भी अपनाया जा रहा है। यह दिखाता है कि मजबूत इच्छाशक्ति और सही रणनीति से सिस्टम में बड़े बदलाव संभव हैं।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here