करनाल : लक्ष्य वर्मा (TSN)- देश के साफ सुथरे शहरो में शामिल होने का करनाल शहर का सपना टूट गया है । स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में करनाल की रैंकिंग इतनी खराब रही की स्मार्ट सिटी करनाल देश के 100 शहरो की सूची से भी बाहर हो गया । प्रदेश सरकार शहरो और गांवों की सफाई व्यवस्था पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है । इसके इलावा सरकार की तरफ नगर निगम को सभी तरह से छोटे बड़े वाहन और सफाई के लिए साजो सामान भी दिया है बावजूद इसके करनाल नगर निगम शहर को स्वच्छ बनाने में कामयाब नही हुई । शहर के लोगो और दुकानदारों ने नगर निगम पर सवाल उठाए है । दुकानदारों का कहना है कि बाजारों में बने शौचालय साफ नहीं किए जाते इनमे गंदगी की भरमार है।
नगर निगम कमिश्नर ने रैंक को बताया निराशाजनक
नगर निगम कमिश्नर अभिषेक मीना ने भी करनाल शहर को मिले स्वच्छता रैंक को निराशाजनक बताया । उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण में करनाल को कचरा प्रबंधन और सार्वजनिक शौचालय के रख-रखाव में बहुत कम अंक मिले जिस वजह से रैंकिंग गिरी । मीणा ने कहा कि सफाई का जिम्मा सुगम स्वच्छता कंपनी को दिया गया था करीब छह महीने तक कंपनी ने कूड़ा प्रोसेस के उपकरण लगाती रही जिस वजह से कचरे के ढेर लगे । लेकिन अब कूड़े की प्रोसेस शुरू हो गई है । शहर से उठाए जा रहे कूड़े का सेगरिगेशन भी नही हो रहा । लोगो से गीला और सुखा कचरा अलग अलग लिया जाता है लेकिन कंपनी दोनो तरह के कचरे को मिला कर डंप कर रही है जिस वजह से सेगरिगेट नही हो रहा । ऐसे में शहर में गीला और सुखा कचरा इक्कठा करने का दावा खोखला साबित हुआ । कमिश्नर अभिषेक मीणा ने कहा कि ये कमी सामने आई है इसमें सुधार किया जाएगा । सफाई कम्पनी सुगम स्वच्छता को निर्देश दिए है शहर में लगातार कूड़े के उठान के लिए 100 वाहन चलाए जाए ।







