भिवानी। प्रदेश के 23 जिलों में मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज 23 लाख 31 हजार 540 एकड़ मिसमैच भूमि के भौतिक सत्यापन का 91 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है। राजस्व और कृषि विभाग के करीब 4400 पटवारी इस कार्य में जुटे हैं। विभाग की ओर से शेष सत्यापन कार्य भी जल्द पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद पोर्टल पर मिसमैच डाटा को दुरुस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
किसानों की ओर से मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दर्ज की गई भूमि और फसल संबंधी जानकारी का सेटेलाइट इमेज के आधार पर मिलान किया गया था। इस दौरान कई किसानों की ओर से दर्ज जानकारी और सेटेलाइट डाटा में अंतर सामने आया, जिसे पोर्टल पर मिसमैच डाटा के रूप में दर्शाया गया। अब इसी डाटा का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
भौतिक सत्यापन के दौरान पटवारी मिसमैच दिखाई जा रही भूमि और फसल की वास्तविक स्थिति की जांच कर रहे हैं। इसके लिए सेटेलाइट इमेज के साथ मौके पर उपलब्ध स्थिति का मिलान किया जा रहा है। प्रत्येक जिले में सत्यापन के लिए अलग-अलग क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। पटवारियों को केवल मिसमैच डाटा वाली भूमि का सत्यापन करने की जिम्मेदारी दी गई है।
मिसमैच डाटा के कारण किसानों को फसल बेचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पोर्टल पर भूमि का विवरण मिसमैच होने की स्थिति में किसानों को निजी बोली के माध्यम से फसल बेचने पर भावांतर भरपाई का लाभ मिलने में दिक्कत आ रही है। वहीं, सरकारी खरीद के दौरान भी ऐसे किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी का लाभ लेने में परेशानी हो रही है। ऐसे में भौतिक सत्यापन पूरा होने के बाद किसानों के लिए फसल बिक्री का रास्ता आसान होने की उम्मीद है।
जिलावार सत्यापन की स्थिति देखें तो कुरुक्षेत्र में सबसे अधिक 99.89 फीसदी काम पूरा हो चुका है। इसके बाद अंबाला में 99.50 फीसदी भौतिक सत्यापन पूरा किया जा चुका है। वहीं, सिरसा में सबसे कम 69.97 फीसदी सत्यापन हुआ है। अन्य जिलों में भी पटवारियों की ओर से मिसमैच डाटा का सत्यापन तेजी से किया जा रहा है।
भिवानी जिले में प्रदेश में सबसे अधिक 3 लाख 4 हजार 744 एकड़ भूमि का मिसमैच डाटा सामने आया था। किसानों की ओर से फसल की जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने के बाद सेटेलाइट से उसका मिलान किया गया था। मिलान के दौरान सामने आए अंतर के बाद इस भूमि का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है।
दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के राज्य उपप्रधान विकास राठी ने बताया कि प्रदेशभर में पटवारियों ने 91.33 फीसदी सत्यापन कार्य पूरा कर लिया है। भिवानी जिले में बचा हुआ डाटा भी वीरवार शाम तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
भिवानी तहसीलदार जयवीर सिंह ने बताया कि मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल के मिसमैच डाटा के भौतिक सत्यापन के लिए अकेले भिवानी जिले में 200 से अधिक पटवारी लगाए गए हैं। सत्यापन कार्य पूरा होने के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके आधार पर पोर्टल पर मिसमैच डाटा को दुरुस्त किया जा सकेगा।
भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों की भूमि और फसल संबंधी जानकारी को वास्तविक स्थिति के अनुसार अपडेट किया जाएगा। इससे मिसमैच डाटा के कारण फसल बिक्री में आ रही दिक्कतें दूर होने के साथ पात्र किसानों को भावांतर भरपाई और सरकारी खरीद में एमएसपी का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो सकेगा।







