चंडीगढ़ । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष पूरे होने पर हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने उन्हें बधाई दी। विज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री की 25 वर्ष की प्रशासनिक यात्रा को सेवा, सुशासन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए उनके कार्यकाल की सराहना की।
अनिल विज ने अपने संदेश में कहा कि 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ प्रधानमंत्री मोदी का प्रशासनिक सफर 25 वर्ष के महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर देश के प्रधानमंत्री तक सार्वजनिक जीवन में प्रधानमंत्री मोदी का हर क्षण देश सेवा और भारत माता के उत्थान के लिए समर्पित रहा है।
विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण और ‘विकसित भारत’ के संकल्प को नई दिशा मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री को प्रशासनिक कार्यकाल के 25 वर्ष पूरे होने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, नरेंद्र मोदी ने 7 अक्टूबर 2001 को पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में लंबे कार्यकाल के बाद मई 2014 में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री का पद संभाला। इस तरह उनका प्रशासनिक अनुभव राज्य सरकार से केंद्र सरकार के नेतृत्व तक पहुंचा।
विज ने अपने संदेश में प्रधानमंत्री की इस यात्रा को केवल राजनीतिक पदों की निरंतरता के बजाय सेवा और शासन से जुड़ी यात्रा के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के दीर्घकालिक प्रशासनिक अनुभव और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को प्रमुखता से सामने रखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 25वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर अपने सार्वजनिक संदेश में कहा था कि 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद से उनका लगातार प्रयास लोगों के जीवन में सुधार लाने और देश की प्रगति में योगदान देने का रहा है। उन्होंने देशवासियों के विश्वास के लिए आभार जताते हुए संविधान के मूल्यों को मार्गदर्शक बताते हुए ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य के लिए आगे भी काम करने की प्रतिबद्धता जताई थी।
केंद्र सरकार ने भी केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री मोदी को 25 वर्ष की प्रशासनिक यात्रा पूरी करने पर बधाई दी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक, प्रस्ताव में गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर भारत के प्रधानमंत्री तक की उनकी यात्रा को निरंतर नेतृत्व के रूप में रेखांकित किया गया। इसमें गुजरात में शुरू की गई विभिन्न पहलों के राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार का भी उल्लेख किया गया।







