अंकुर कपूर , अंबाला। गो सेवा, गो रक्षा और गो सम्मान की मांग को लेकर सोमवार को अंबाला में ‘गो सम्मान आवाहन अभियान’ के तहत बड़ी संख्या में गो सेवक और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एकत्रित हुए। इस दौरान उन्होंने सरकार के नाम ज्ञापन सौंपकर गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग की।
अभियान के दौरान गो सेवा से जुड़े संगठनों ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में गाय का विशेष स्थान है। उनका कहना था कि हिंदू धर्म में किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को गाय के बिना पूर्ण नहीं माना जाता और गौ माता केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता की पहचान भी है।
गो रक्षकों ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि देशभर में लंबे समय से गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा देने की मांग उठाई जा रही है। उनका मानना है कि इस दिशा में जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए, ताकि गौ संरक्षण और गौ संवर्धन को और अधिक मजबूती मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस मांग को लेकर देश के विभिन्न राज्यों में भी इसी तरह के अभियान और जनजागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक गाय को राष्ट्रीय माता का दर्जा नहीं दिया जाता, तब तक उनका अभियान लगातार जारी रहेगा।
गो रक्षकों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से गौ संरक्षण को लेकर प्रभावी कदम उठाने और गौवंश की सुरक्षा के लिए सख्त एवं ठोस नीतियां लागू करने की भी मांग की।
इस मौके पर गो रक्षक भरत, मोनू चावला और देवीलाल सहित बड़ी संख्या में गौ सेवक और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।







