हिसार | हरियाणा के मौसम को लेकर चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग ने ताज़ा अपडेट जारी किया है। विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार, इस समय मानसून टर्फ श्रीगंगानगर, बरेली, बाराबंकी, देहरी, पुरुलिया और दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। वहीं हिमाचल प्रदेश पर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण नमी से भरी हवाएं तराई और हिमालय की तलहटी की ओर बढ़ रही हैं। इसी वजह से 16 सितंबर तक हरियाणा में मानसून की सक्रियता कमजोर रहेगी।
कहाँ होगा असर?
डॉ. खीचड़ ने बताया कि इस दौरान प्रदेश में मौसम सामान्य तौर पर परिवर्तनशील रहेगा।
- उत्तर हरियाणा (अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पानीपत, सोनीपत): आंशिक बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
- पश्चिम हरियाणा (सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखीदादरी, जींद, रोहतक, झज्जर) और दक्षिण हरियाणा (महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद, पलवल): नमी बढ़ने और तापमान में हल्की बढ़ोतरी की संभावना है। साथ ही, बीच-बीच में छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बारिश भी हो सकती है।
16 सितंबर के बाद बढ़ेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, 16 सितंबर के बाद हरियाणा में एक बार फिर मानसून सक्रिय होगा और बारिश की संभावना बढ़ जाएगी।







