यमुनानगर (अंकुर कपूर): अगर आप भी हैं तितली प्रेमी तो आपके लिए खास खबर है। तितलियों की भी अपनी एक दुनिया है…रंग-बिरंगे और नए-नए आकार की तितलियां बेहद ही खूबसूरत लगती हैं, लेकिन आज के दौर में तितलियों की संख्या कम होती जा रही है। उसके कई कारण हो सकते हैं। ज्यादातर तितलियां खुले आसमान और जहां प्रदूषण कम होगा वहां ज्यादातर पाई जाती है।

यमुनानगर की रहने वाली विदिशा गुप्ता ने तितलियों की तरफ हमें आकर्षित करने पर मजबूर कर दिया है। वह तितलियों की पीएचडी कर रही है। उन्होंने करीब 70 प्रजातियों के बारे में जानकारी जुटाई है और आगे भी इसी काम में लगी है। विदिशा ने बताया कि उन्होंने करीब 6 महीने के अंदर तितलियों की करीब 70 प्रजातियों पर गहनता से रिसर्च किया है। उसमें उन्होंने उनके नामों का पता लगाया और उनके खाने पीने के बारे में रिसर्च की, लेकिन उनकी तितलियों के प्रति उत्सुकता कैसे बढ़ी ये भी उन्होंने बताया।

विदिशा हरियाणा की अकेली ऐसी रिसर्चर है जो तितलियों पर रिसर्च कर रही है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि यमुनानगर में भी तितिलयों के लिए अलग से पार्क बनाया जाए, ताकि लोग तितलियों के बारे में जान सके और उन्हे अच्छा जीवन मिल सके।








