गुरुग्राम (अंकुर कपूर): हरियाणा के गुरुग्राम में सीएम मनोहर लाल खट्टर ने जनता को करोड़ों के तोहफे दिए। बता दें कि मुख्यमंत्री ने एक बार फिर 1881 करोड़ रुपए की 167 जन कल्याणकारी परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को गुरुग्राम के गांव धनवापुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से वर्चुअल माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, विद्युत, सड़क नेटवर्क सुदृढ़ीकरण इत्यादि से संबंधित 791 करोड़ रुपए से अधिक की लागत की 113 परियोजनाओं का उद्घाटन तथा 1090 करोड़ रुपए की लागत की 54 परियोजनाओं का शिलान्यास किया।
उन्होंने पहले भी समय-समय पर इसी प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से करोड़ों रुपए की विभिन्न परियोजनाओं को प्रदेशवासियों को समर्पित किया है। राज्य का समान विकास सुनिश्चित करने के साथ-साथ हरियाणा तेजी से विकास पथ पर आगे बढ़ रहा है। गुरुग्राम के धनवापुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से प्रदेश के सभी जिलों को वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्तमंत्री के रूप में हमने अपने बजट का नियोजन सही किया है। आज हमारे बजट का 34.5 प्रतिशत हिस्सा कैपिटल एक्सपेंडिचर के रूप में इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च हो रहा है।
उन्होंने कहा कि हर विभाग का एक निश्चित बजट होता है। हालांकि कभी-कभी वित्त वर्ष के अंत में कुछ विभागों का बजट बच भी जाता है। विकास कार्यों के लिए किसी भी प्रकार के बजट की कमी ना आए इसके लिए हमने एक नई पहल करते हुए मीडियम टर्म एक्सपेंडिचर रिजर्व फंड बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एक और नई पहल करते हुए गांवों और शहरों में भी विकास कार्यों में तेजी लाने हेतु ग्राम दर्शन एवं नगर दर्शन पोर्टल शुरू किया है जिन पर नागरिक अपने इलाके की आवश्यकताओं के अनुसार विकास कार्यों की मांग पोर्टल पर कर सकते हैं।
चुने हुए नए जन प्रतिनिधि भी अपने क्षेत्रों में नागरिकों द्वारा दर्ज की गई विकास कार्यों की मांग को प्राथमिकता अनुसार सरकार तक पहुंचा सकते हैं। अभी हाल ही में पंचायतों के चुनाव सम्पन्न हुए और नए जन प्रतिनिधि छोटी सरकार के रूप में चुनकर आये हैं। अब सरपंच 2 लाख रुपए तक के कार्य कोटेशन के आधार पर कर सकेंगे। कामों में पारदर्शिता रहे इसके लिए सरकार ने इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल भी बनाया है जिसके माध्यम से ऐसे सभी कार्यों की प्रशासनिक, वित्तीय व तकनीकी मंजूरी ऑनलाइन मिलती है। अब जनता भी इन कामों पर निगरानी रख सकती है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सरकारी विभागों में रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया पर काम कर रही है और इस वर्ष ग्रुप सी की 35 हजार और ग्रुप डी की 15 हजार पदों की भर्ती प्रक्रिया आरंभ की जाएगी। इसके अलावा केंद्र सरकार भी बड़े स्तर पर भर्तियां करने जा रही है जिसका लाभ हरियाणा के युवाओं को भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा पानी की कमी वाला प्रदेश बनता जा रहा है। कई ब्लॉक डार्क जोन में भी आ गए हैं। देश में 1100 बीसीएम पानी उपलब्ध है जबकि खपत 800 बीसीएम की है।
उन्होंने बताया कि 40 प्रतिशत कृषि भूमि नहरी सिंचाई प्रणाली, 30 प्रतिशत पर ट्यूबवेल के माध्यम से सिंचाई होती है, शेष 30 प्रतिशत भूमि वर्षा के पानी पर निर्भर है। इसके लिए सूक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। इसके साथ ही वेस्ट वाटर मैनेजमेंट के माध्यम से भी पानी का पुनः उपयोग सुनिश्चित करना होगा। प्रदेश में 207 वॉटर ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स हैं जिनके बनने के बाद 4 लाख एकड़ भूमि की सिंचाई हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने उन किसानों का धन्यवाद किया जिन्होंने ‘मेरा पानी-मेरी विरासत’ योजना के तहत धान के स्थान पर अन्य फसलों को चुना है और 1 लाख से अधिक एकड़ भूमि में धान की बुआई कम हुई। हरियाणा का जल प्रबंधन अच्छा है।







