सोहना । नगर परिषद क्षेत्र में शामिल होने के बावजूद वार्ड-9 के जखोपुर गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय आज भी जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। पिछले करीब 15 वर्षों से हर बरसात में स्कूल परिसर और बरामदों में पानी जमा हो जाता है। शुक्रवार को लगातार दो दिन हुई बारिश के बाद एक बार फिर पूरा स्कूल परिसर जलमग्न हो गया, जिससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ा और शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ।
ग्रामीणों के अनुसार, स्कूल में जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के साथ बरसाती नालों और आसपास के घरों का पानी भी स्कूल परिसर में पहुंच जाता है। पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से बारिश के बाद कई-कई फीट तक जलभराव की स्थिति बन जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर नगर परिषद, वार्ड पार्षद और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कई बार शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हुआ।
स्कूल की प्रभारी बिमलेश ने बताया कि बारिश के मौसम में हर साल इसी तरह की स्थिति पैदा होती है। संबंधित विभागों को कई बार लिखित और मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन अभी तक जलनिकासी की व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाया गया। शुक्रवार को भी परिसर और बरामदों में पानी भरने के कारण बच्चों और शिक्षकों को काफी दिक्कत हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल पहले से ही भवन और शिक्षकों की कमी जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे में बारिश के दौरान होने वाला जलभराव बच्चों की पढ़ाई में बड़ी बाधा बन रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब पांच वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्कूल को अपग्रेड करने की घोषणा की थी, लेकिन यह घोषणा अभी तक धरातल पर नहीं उतर सकी।
वार्ड पार्षद मुकेश कुमार मोगली ने भी स्कूल में जलभराव की समस्या को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि स्कूल की ओर से शिकायत मिलने के बाद नगर परिषद के अधिकारियों और शिक्षा विभाग को मामले से अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।







