Home Haryana बीरू वाल्मीकि हत्याकांड में बड़ा एक्शन, दोनों मुख्य शूटर मुठभेड़ में ढेर

बीरू वाल्मीकि हत्याकांड में बड़ा एक्शन, दोनों मुख्य शूटर मुठभेड़ में ढेर

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करनाल (राकेश कुमार शर्मा)। करनाल के चर्चित बीरू वाल्मीकि हत्याकांड में हरियाणा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वारदात के दो मुख्य आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद ढेर कर दिया। घटना के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने दोनों शूटरों को गोगड़ीपुर गांव के पास नहर पटरी पर हुई मुठभेड़ के दौरान काबू किया। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि बीरू वाल्मीकि हत्याकांड में शामिल आरोपी गोगड़ीपुर क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना के आधार पर सीआईए की विभिन्न टीमों ने इलाके की घेराबंदी कर सर्च अभियान शुरू किया। पुलिस ने जब संदिग्धों को रुकने का इशारा किया तो उन्होंने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपी घायल हो गए।

मारे गए आरोपियों की पहचान करनाल के नीलोखेड़ी क्षेत्र के गांव काला माजरा निवासी हर्ष और कैथल जिले के गांव मटरवाखेड़ी निवासी बीरबल के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक दोनों बीरू वाल्मीकि हत्याकांड के मुख्य शूटर थे और इनके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गौरतलब है कि 5 अगस्त की रात करनाल के हांसी रोड स्थित शराब ठेके के पास बाइक सवार बदमाशों ने बीरू वाल्मीकि की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस वारदात के बाद पूरे जिले में तनाव का माहौल बन गया था और वाल्मीकि समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदर्शन भी किया था। अंबेडकर चौक पर जाम लगाकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई थी।

पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या की जड़ें पुरानी रंजिश से जुड़ी हुई हैं। शुरुआती जांच के अनुसार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर हुई एक पोस्ट को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जो बाद में खूनी संघर्ष में बदल गया और बीरू वाल्मीकि की हत्या तक पहुंच गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कई विशेष टीमें गठित की थीं। करनाल विधायक जगमोहन आनंद और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को भरोसा दिलाया था कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इसके बाद सीआईए-1, सीआईए-2, सीआईए-3 और सीआईए असंध की टीमों ने संयुक्त रूप से लगातार दबिश और छापेमारी कर आरोपियों का पता लगाया।

मुठभेड़ की सूचना मिलते ही करनाल रेंज के आईजी अशोक कुमार और पुलिस अधीक्षक नरेंद्र बिजारणिया मौके पर पहुंचे और पूरी कार्रवाई की निगरानी की। आईजी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने करीब 10 से 12 राउंड फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी उतने ही राउंड फायर किए। इस दौरान पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए और दोनों आरोपी घायल हो गए।

आईजी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वांछित अपराधियों को किसी प्रकार का संरक्षण न दें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

वहीं करनाल सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में तैनात डॉक्टर ने बताया कि देर रात पुलिस दो घायलों को अस्पताल लेकर पहुंची थी। दोनों को गोली लगी हुई थी, लेकिन जांच के दौरान उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह भेज दिया गया।

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