भिवानी | हरियाणा में शिक्षा विभाग ने पहली बार स्कूलों को रैंकिंग देने की योजना शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के तहत पहले चरण में लगभग 14,000 सरकारी स्कूलों और दूसरे चरण में प्राइवेट स्कूलों का मूल्यांकन किया जाएगा।
शिक्षा विभाग के अनुसार, रैंकिंग 181 निर्धारित बिंदुओं के आधार पर तय की जाएगी और इसे सार्वजनिक किया जाएगा। इसका उद्देश्य अभिभावकों और छात्रों को यह जानकारी देना है कि कौन सा स्कूल कितनी गुणवत्ता प्रदान कर रहा है। इससे माता-पिता बेहतर निर्णय लेकर बच्चों का प्रवेश सुनिश्चित कर सकेंगे।
साथ ही, यह पहल स्कूलों में बेहतर शिक्षण और सुविधाओं को बढ़ावा देने में मदद करेगी। रैंकिंग से स्कूलों को अपनी कमियों को सुधारने और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का अवसर मिलेगा।
यह नई योजना अगले शैक्षणिक सत्र, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। पहले चरण में सरकारी स्कूलों का मूल्यांकन किया जाएगा, जिनमें लगभग 22 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसके बाद प्राइवेट स्कूलों का मूल्यांकन किया जाएगा।
संपूर्ण प्रक्रिया “एक्रीडेशन ऑफ हरियाणा” पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित होगी। विभाग का उद्देश्य एक निष्पक्ष और पारदर्शी सिस्टम तैयार करना है, जिससे स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार हो सके और शिक्षा स्तर में वृद्धि सुनिश्चित हो।







