जींद | जिले की होनहार बेटी तनु ढांडा ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जींद का नाम रोशन किया है। ऑल इंडिया स्तर पर उन्होंने पांचवां स्थान प्राप्त कर अपनी काबिलियत का परिचय दिया है। सेक्टर-9 स्थित उनके निवास पर लोगों ने भव्य स्वागत किया। तनु का पैतृक गांव हिसार के मिर्जपुर में है, जबकि वर्तमान में वे अपने परिवार के साथ जींद में रहती हैं।
तीसरे प्रयास में रचा इतिहास
तनु ने अपने तीसरे प्रयास में यह सफलता पाई। उन्होंने इसका श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने दो साल तक पूरी निष्ठा के साथ पढ़ाई की और सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाकर रखी। खास बात यह रही कि उन्होंने सभी इंटरव्यू हिंदी भाषा में दिए।
सादा जीवन, कड़ी मेहनत बनी सफलता की कुंजी
तनु ने बताया कि वह सुबह दौड़ लगाती थीं, दिनभर पढ़ाई करती थीं, घरेलू कार्यों में भी सहयोग देती थीं और शाम को बैडमिंटन खेलती थीं। पढ़ाई के लिए ही मोबाइल का सीमित उपयोग करती थीं। उन्होंने दो वर्षों तक किसी भी सामाजिक कार्यक्रम, यहां तक कि रिश्तेदारों की शादियों में भी शिरकत नहीं की।
युवाओं को दिया प्रेरणादायक संदेश
तनु ने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर समय गंवाने की बजाय अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि रास्ते में मुश्किलें जरूर आती हैं, लेकिन जुनून हो तो हर चुनौती आसान हो जाती है।
शिक्षक परिवार से हैं ताल्लुक
तनु के पिता वीरेंद्र ढांडा जींद के घोघड़िया गांव में टीजीटी गणित शिक्षक हैं, जबकि मां मीनू कैथल के किछाना गांव में जेबीटी शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। तनु की प्रशिक्षण प्रक्रिया 1 जुलाई से शुरू होगी।






