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हरियाणा में झमाझम बारिश से मिली राहत, 21 जिलों में अब भी वर्षा का घाटा

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हिसार। हरियाणा में मंगलवार को मानसून ने एक बार फिर जोरदार दस्तक दी। प्रदेश के 16 जिलों में हुई अच्छी बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं किसानों के चेहरों पर भी उम्मीद की नई किरण दिखाई दी। हालांकि मानसून सीजन के दो महीने गुजरने के बावजूद राज्य में वर्षा की कमी की स्थिति पूरी तरह दूर नहीं हो सकी है। प्रदेश के 21 जिले अब भी सामान्य बारिश के आंकड़ों से पीछे चल रहे हैं।

बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव और यातायात बाधित होने जैसी समस्याएं सामने आईं। पानीपत, अंबाला, हिसार, फतेहाबाद, हांसी, गुरुग्राम और बहादुरगढ़ समेत कई क्षेत्रों में सड़कों और बाजारों में पानी भर गया। इसके बावजूद किसानों ने इस वर्षा को धान, नरमा और बाजरा जैसी खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक बताया है।

मौसम विभाग के अनुसार चार से छह अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। विभाग का मानना है कि यदि आगामी दिनों में अच्छी बारिश होती है तो वर्षा की कमी काफी हद तक कम हो सकती है।

आंकड़ों के मुताबिक अब तक केवल फरीदाबाद और पलवल ऐसे जिले हैं जहां सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इसके विपरीत प्रदेश के 21 जिलों में 7 से 68 प्रतिशत तक वर्षा की कमी बनी हुई है। इनमें 11 जिले रेड जोन और चार जिले येलो जोन में शामिल हैं। रोहतक, जींद और सिरसा जैसे जिलों में अब तक 100 मिलीमीटर बारिश का आंकड़ा भी नहीं पहुंच पाया है, जिससे कृषि क्षेत्र में चिंता बनी हुई है।

अंबाला में 99.06 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई, जिससे कपड़ा मार्केट, नगर निगम कार्यालय और कई रिहायशी क्षेत्रों में जलभराव हो गया। वहीं मारकंडा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया। पानीपत में 97 मिलीमीटर बारिश के कारण जीटी रोड पर करीब दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा। इस दौरान एक स्कूली बच्चा निर्माणाधीन नाले में गिर गया, जिसे समय रहते सुरक्षित निकाल लिया गया।

यमुनानगर में हथनीकुंड बैराज पर जलप्रवाह बढ़ने से निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बनने लगे। सोम और पथराला नदियां उफान पर रहीं, जबकि कुछ स्थानों पर तटबंध टूटने से खेतों में पानी भर गया। कुरुक्षेत्र के लाडवा सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, लेकिन कई बाजारों में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खुल गई।

फतेहाबाद के टोहाना में 68 मिलीमीटर और जाखल में 56 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। किसानों ने इसे धान और नरमा की फसलों के लिए फायदेमंद बताया। हांसी और हिसार में भी बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया, हालांकि कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बनी रही।

गुरुग्राम में सूरत नगर फेज-2, धनवापुर रोड और अन्य क्षेत्रों में सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित रहा। वहीं झज्जर और बहादुरगढ़ के कई निचले इलाकों में जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त माह में लगातार बारिश होने पर धान, नरमा और बाजरा जैसी फसलों को बड़ा लाभ मिल सकता है। वहीं मौसम विभाग ने लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

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