हिसार। हरियाणा के हांसी क्षेत्र के गांव चानौत में भाखड़ा पेयजल पाइपलाइन से टी-कनेक्शन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सर्वखाप महापंचायत आयोजित की गई। करीब तीन घंटे तक चली इस महापंचायत में प्रदेश की 32 खाप पंचायतों और विभिन्न किसान संगठनों ने एकजुट होकर आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की। पंचायत में सरकार को 14 जुलाई तक मांग पूरी करने का अल्टीमेटम दिया गया।
महापंचायत की अध्यक्षता सर्वजातीय रोघी खाप के प्रधान हरदीप शर्मा ने की। इसमें कलकल, हुड्डा, बारह, सतरोल, रोघी, दूहन, बूरा, आठगामा, पूनिया समेत 32 खाप पंचायतों के प्रतिनिधियों के अलावा कई किसान संगठनों ने हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में ग्रामीणों की पेयजल मांग का समर्थन करते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की अपील की।
महापंचायत में निर्णय लिया गया कि यदि 14 जुलाई तक सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो 15 और 16 जुलाई को प्रदेशभर से खाप प्रतिनिधि और किसान संगठन जींद पहुंचना शुरू करेंगे। इसके बाद 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हरियाणा दौरे के दौरान उनके समक्ष पेयजल का मुद्दा उठाया जाएगा। इससे पहले सभी खाप पंचायतें अपने-अपने क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन भी करेंगी।
हरदीप शर्मा ने कहा कि पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा के लिए ग्रामीणों को पिछले 56 दिनों से धरने पर बैठना पड़ रहा है, जो सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
महापंचायत में खाप प्रतिनिधियों ने सरकार की नीतियों पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि पहले प्रशासन स्वयं टी-कनेक्शन की व्यवस्था करता है और बाद में उसे हटाकर ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई करता है। इसे लेकर सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए।
इधर, चानौत आंदोलन के समर्थन में पेटवाड़ गांव में भी ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने 17 जुलाई को जींद पहुंचने का फैसला लिया। धरना समिति के सदस्य अनूप सिंह चानौत ने बताया कि प्रधानमंत्री के दौरे से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा। आंदोलन से जुड़े युवा एक साथ अभियान चलाएंगे। साथ ही, 17 जुलाई के बाद आमरण अनशन शुरू करने को लेकर भी अंतिम निर्णय लिया जाएगा।





