कैथल। जिले के गांव नरड़ के समीप स्थित मेडिकल कॉलेज के पीछे खेतों से गुजर रही गैस पाइपलाइन में संभावित रिसाव की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पूरे क्षेत्र को घेराबंदी कर सील कर दिया गया है, जबकि तकनीकी विशेषज्ञों और आपातकालीन टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पाइपलाइन की निगरानी कर रहे सुरक्षा गार्ड ने सबसे पहले गैस रिसाव की आशंका जताई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसने तत्काल अधिकारियों और कंपनी के नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। सूचना मिलते ही आपातकालीन प्रतिक्रिया दल मौके पर पहुंचा और एहतियातन गैस आपूर्ति को अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिससे किसी संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि जिस क्षेत्र में रिसाव की आशंका है, वहां गैस पाइपलाइन के समानांतर तेल पाइपलाइन भी गुजरती है। इसी कारण मामले को अत्यंत संवेदनशील मानते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है। मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तैनात कर दी गई हैं और तकनीकी टीमों ने जेसीबी मशीनों की मदद से पाइपलाइन के आसपास खुदाई शुरू कर दी है।
दिनभर चली जांच के बावजूद देर शाम तक रिसाव के सटीक स्थान की पुष्टि नहीं हो सकी। विशेषज्ञ पाइपलाइन की बारीकी से जांच कर संभावित तकनीकी खामी का पता लगाने में जुटे हैं।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी प्रकार की घबराने वाली बात नहीं है। प्रारंभिक जांच में पाइपलाइन से तेल चोरी या छेड़छाड़ के कोई संकेत नहीं मिले हैं। तकनीकी कारणों की पड़ताल की जा रही है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक यह प्रमुख पाइपलाइन कैथल से होकर पंजाब तक जाती है। जांच के दौरान आसपास के किसानों और ग्रामीणों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि किसी भी संभावित कारण तक पहुंचा जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जांच पूरी होने तक प्रभावित क्षेत्र से दूरी बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें।







