यमुनानगर 19 दिसंबर —–हिमाचल के ऊपरी इलाके में बर्फबारी की वजह से हथिनीकुंड बैराज पर जल संकट गहरा गया है। मानसून सीजन में लाखों क्यूसिक पानी दिल्ली को डाइवर्ट करने वाला हथिनीकुंड बैराज पर महज 2600 क्यूसिक पानी दर्ज किया गया है। दिसंबर के महीने में सर्दी अपने सबाब पर है। हिमाचल के ऊपरी इलाके में बर्फबारी और बारिश न होने की वजह से हथिनीकुंड बैराज पर पानी का लेवल एकदम से नीचे चला गया है। अब हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि यमुना नहर पर बने हाइडल की बिजली यूनिट बंद होने की कगार पर पहुंच गई है।
हाइडल प्रोजेक्ट की बिजली आपूर्ति हो सकती है बाधित
सिंचाई विभाग के स्टूडेंट इंजीनियर आर.एस मित्तल ने बताया कि अगर हथिनीकुंड बैराज पर पानी की ताज़ा स्थिति की बात की जाए तो फिलहाल 2606 क्यूसिक पानी दर्ज किया गया है। WJC यानी वेस्टर्न कैनाल की तरफ 1925 क्यूसिक पानी डायवर्ट किया गया है यूपी की तरफ यानी EJC की तरफ 352 क्यूसिक पानी डायवर्ट किया गया है। उन्होंने बताया की हाइडल बिजली प्रोजेक्ट को 2500 क्यूसिक पानी चाहिए होता है जो कि फिलहाल कम है। उन्होंने बताया कि दिसंबर और जनवरी के महीने में पानी की संकट गहरा जाता है। फिलहाल हाइडल की सभी बिजली यूनिट चल रही है। आपको बता दे की WJC की तरफ डायवर्ट किए गए पानी पर ही हाइडल के बिजली प्रोजेक्ट है जो कि फिलहाल यहाँ क्षमता से कम पानी दर्ज किया गया है। अगर हालात ऐसे ही रहे तो हाइडल के बिजली प्रोजेक्ट बंद हो सकते हैं जिससे आसपास के इलाकों में बिजली की समस्या खड़ी हो सकती है। आपको बता दे की मानसून सीजन में हथिनीकुंड बैराज पर 3 लाख क्यूसिक पानी भी दर्ज किया गया है लेकिन बदलते हालात की वजह से फिलहाल पानी का जलस्तर कम है।







