Home Haryana पंचकूला में मतदाता सूची का बड़ा शुद्धिकरण, करीब एक लाख नाम हटाए...

पंचकूला में मतदाता सूची का बड़ा शुद्धिकरण, करीब एक लाख नाम हटाए गए

13
0
पंचकूला। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान पंचकूला जिले की मतदाता सूची में बड़े स्तर पर संशोधन किया गया है। निर्वाचन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 99,743 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इनमें पंचकूला विधानसभा क्षेत्र से 65,967 और कालका विधानसभा क्षेत्र से 33,776 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले की मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ समय से भाजपा और कांग्रेस दोनों ही जिले में लगभग 40 हजार फर्जी मतदाताओं की मौजूदगी का दावा करती रही थीं। वहीं अब विशेष पुनरीक्षण अभियान में हटाए गए मतदाताओं की संख्या इन दावों से कहीं अधिक सामने आई है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने भी वर्ष 2024 के चुनाव परिणामों के बाद न्यायालय में दायर याचिका में बड़ी संख्या में संदिग्ध मतदाताओं का मुद्दा उठाया था।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त सतपाल शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में बताया गया कि यह पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के आधार पर पूरी की गई है। सत्यापन के दौरान मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित, डुप्लीकेट, लंबे समय से अनुपस्थित तथा अन्य श्रेणियों के मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए।

निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पंचकूला विधानसभा क्षेत्र में 7,907 मृत मतदाता, 34,731 स्थानांतरित मतदाता, 1,697 डुप्लीकेट प्रविष्टियां, 13,266 लंबे समय से अनुपस्थित मतदाता तथा 8,366 अन्य श्रेणी के नाम सूची से हटाए गए हैं। वहीं कालका विधानसभा क्षेत्र में 7,091 मृत, 11,986 स्थानांतरित, 1,708 डुप्लीकेट, 9,707 अनुपस्थित और 3,284 अन्य श्रेणी के मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं।

बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हुई कटौती के बाद पंचकूला नगर निगम के भविष्य को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। जानकारों का मानना है कि यदि मतदाताओं की संख्या निर्धारित सीमा से नीचे जाती है तो इसका प्रभाव स्थानीय निकायों की संरचना पर भी पड़ सकता है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह प्रारंभिक मतदाता सूची है। 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक कोई भी पात्र नागरिक दावा या आपत्ति दर्ज करा सकता है। जिन लोगों का नाम सूची में शामिल नहीं है, वे फार्म-6 के माध्यम से नया मतदाता पंजीकरण करा सकते हैं, जबकि नाम, पता अथवा अन्य त्रुटियों में संशोधन के लिए फार्म-8 का उपयोग किया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

उपायुक्त सतपाल शर्मा ने बताया कि सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को मतदाता सूची की हार्ड और सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध करा दी गई है, ताकि वे सूची का परीक्षण कर आवश्यक दावे और आपत्तियां समय पर प्रस्तुत कर सकें। साथ ही नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे अपने और परिवार के सभी सदस्यों के नाम मतदाता सूची में अवश्य जांच लें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here