चंडीगढ़। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में मौसम ने करवट ली है। हिसार, जींद, फतेहाबाद और भिवानी समेत कई जिलों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। भिवानी में तेज आंधी चलने से मौसम का असर अधिक देखने को मिला। मौसम विभाग ने रविवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।
मौसम में आए बदलाव के चलते प्रदेश के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। न्यूनतम तापमान सामान्य से औसतन 2.4 डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया, जबकि अधिकतम तापमान में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ शुक्रवार रात से सक्रिय हुआ, जिसका असर शनिवार सुबह से दिखाई देने लगा। हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में दिनभर बादल छाए रहे। महेंद्रगढ़ जिले में कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई, जबकि दोपहर बाद सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद और भिवानी सहित पश्चिमी हरियाणा के जिलों में तेज हवाओं और आंधी का प्रभाव देखने को मिला। शाम पांच बजे के बाद कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई और कहीं-कहीं ओले भी गिरे।
डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, शुक्रवार रात रोहतक, झज्जर, कैथल, जींद और कुरुक्षेत्र में भी हल्की बारिश के साथ छिटपुट ओलावृष्टि हुई थी। इसके चलते प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि रविवार को भी उत्तरी और पश्चिमी हरियाणा के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और जींद में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
चरखी-दादरी जिले में शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। जिले के 12 गांवों में धान और कपास की फसल प्रभावित हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 11,765 एकड़ धान की फसल को नुकसान पहुंचा है, जो करीब 4,706 हेक्टेयर क्षेत्र के बराबर है। इसके अलावा, 190 एकड़ यानी लगभग 76 हेक्टेयर में कपास की फसल भी प्रभावित हुई है। पैंतावास कलां और अखत्यारपुरा गांवों में धान की फसल को 26 से 50 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को अब फसल नुकसान के आकलन का इंतजार है।







